चेतावनी भजन

चल हंसा उस देश, समद जहा मोती रे भजन लिरिक्स इन हिंदी

चल हंसा उस देश, समद जहा मोती रे भजन लिरिक्स इन हिंदी

चल हंसा उस देश, समद जहा मोती रे भजन लिरिक्स

चल हंसा उस देश समद जहा मोती रे |
मोती समद जहा मोती समद जहा मोती रे ||

चल हंसा उस देश निराला, 
बिन शशि भान रहे उजियारा |
जहा लागे ना चोट काल की, 
जगामग ज्योति रे || चल हंसा ||

जब चलने की करी तैयारी, 
माया जाल फंस्या अतिभारी |
करले सोच विचार घड़ी दोय, होती रे || चल हंसा ||

चाल पड्या जद दुविधा छूटी, 
पिछली प्रीत कुटुंब से टूटी |
हंसा भरी उड़ान, हंसिनी रोती रे || चल हंसा ||

जाय किया समदर में बासा, 
फेर नहीं आवण की आशा |
गावै भानीनाथ, मोत सिर सोती रे || चल हंसा ||

 


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Chal Hansa Us Desh Samad Jahan Moti Re Lyrics

Chal Hansa Us Desh Samad Jahan Moti Re

(Sant Bhani Nath Ji Bhajan)

Chal hansa us desh samad jahan moti re |
Moti samad jahan, moti samad jahan moti re ||

Chal hansa us desh nirala, 
bin shashi bhaan rahe ujiyara |
Jahan laage na chot kaal ki, 
jagamag jyoti re || Chal hansa ||

Jab chalne ki kari taiyaari, 
maya jaal fassya atibhari |
Kar le soch vichar ghadi doye, hoti re || Chal hansa ||

Chaal padya jad duvidha chhooti, 
pichhli preet kutumb se tooti |
Hansa bhari udaan, hansini roti re || Chal hansa ||

Jaay kiya samadar mein baasa, 
pher nahin aavan ki aasha |
Gaave Bhaninath, mot sir soti re || Chal hansa ||


FAQs for Chal Hansa Us Desh Samad Jahan Moti Re:

  1. "चल हंसा उस देश समद" भजन का क्या अर्थ है?
    यह भजन आत्मा की मोक्ष यात्रा और माया से मुक्ति को दर्शाता है।

  2. यह भजन किस संत की रचना है?
    यह भजन संत भानीनाथ जी की वाणी से जुड़ा हुआ है।

  3. भजन में ‘समद देश’ का क्या मतलब है?
    'समद देश' मोक्ष या परम शांति के लोक का प्रतीक है।

  4. क्या यह भजन कबीरपंथी या नाथपंथी शैली का है?
    हां, यह भजन कबीर और नाथपंथ दोनों की आत्मिक शैली से प्रभावित है।

  5. भजन में ‘हंसा’ किसका प्रतीक है?
    हंसा आत्मा का प्रतीक है, जो ईश्वर की ओर उड़ान भरता है।

  6. क्या यह भजन ध्यान या साधना के लिए उपयुक्त है?
    जी हां, यह भजन साधना, ध्यान और आत्मचिंतन के लिए आदर्श है।

  7. यह भजन साधना, भजन संध्या या संत सत्संग में गाया जाता है।

  8. भजन में ‘माया जाल’ किसे कहा गया है?
    माया जाल संसारिक मोह और बंधनों को कहा गया है।

  9. इस भजन की लिरिक्स कहां पढ़ सकते हैं?
    पूरी लिरिक्स पढ़ने के लिए जाएं BhaktiSongsLyrics.in


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