या काया तन में रैल चले | कायारूपी भजन लिरिक्स हिंदी में
या काया तन मे रैल चले | हंसा भजन लिरिक्स
साधो भाई देखो न नजर पसार ।
या काया तन में रेल चल ।।
गाड़ी चलती है इंजन से, इसमे सात जगह पाणी के कलसे से ।
टिणों की एक एक कल से धुआं निकसे ह बे तू शुमार
या अग्नि आठुं पहर जलै ।। 1 ।।
पांच टिकट काटणिया पच्चीस टिकट बाँटणिया
तीन रेल रोकणिया इसमे चेतन सुरता है असवार
या गाड़ी जद पेण्ड चलअ ।। 2 ।।
नो सौ कील जोड़न की नवासी कील मोड़न की
पिच्यासी कील दोड़ण की जिसमे ऐसा नही रे हथियार
मांग्याँ कोनी मौल मिलै ।। 3 ।।
शिवलाल भजन बनाया ताजा इसमे रख दिया दस दरवाजा
दो पहिये छत्तिसुं बाजा एक दिन निकले डलेवर बाहर
या गाड़ी कोनी पेंड चल ।। 4 ।।
जय श्री नाथ जी की.....।
Ya Kaya Tan Mein Rail Chale – Chetawani Bhajan Lyrics In Hindi
Saadho bhai dekho na nazar pasaar,
Ya kaya tan mein rail chal.
Gaadi chalti hai engine se, isme saat jagah paani ke kalse se,
Tinon ki ek ek kal se, dhuan nikse hai be tu shumar,
Ya agni aathun pahar jale. (1)
Paanch ticket kaataniya, pachees ticket baataniya,
Teen rail rokaniya, isme chetan surta hai asvaar,
Ya gaadi jad pend chala. (2)
No sau keel jodhan ki, navaasi keel modan ki,
Pichyaasi keel dodan ki, jisme aisa nahi re hathiyaar,
Maangya koni mol mile. (3)
Shivlal bhajan banaya taaza, isme rakh diya das darwaza,
Do pahiye chhattisun baaja, ek din nikle dalewar baahar,
Ya gaadi koni pend chal. (4)
FAQs – या काया तन में रैल चले (कायारूपी भजन लिरिक्स)
❓ 1. “या काया तन में रैल चले” भजन किसकी रचना है?
उत्तर: यह एक पारंपरिक कायारूपी (शरीर आधारित) भजन है जो अक्सर संत कबीर, संत दादू या अन्य निर्गुण भक्ति संतों की परंपरा से जुड़ा होता है। इसका उद्देश्य आत्मा और शरीर के रहस्य को समझाना है।
❓ 2. “या काया तन में रैल चले” भजन का अर्थ क्या है?
उत्तर: इस भजन में ‘काया’ यानी शरीर को एक नगर, रेल या यात्रा के रूप में दर्शाया गया है, जिसमें आत्मा, सांसें और जीवन शक्ति चलती रहती हैं। यह भजन आत्मबोध और आत्मचिंतन की ओर ले जाता है।
❓ 3. क्या यह भजन किसी विशेष अवसर पर गाया जाता है?
उत्तर: यह भजन विशेष रूप से संत-महात्माओं की सत्संग सभाओं, ध्यान, भजन संध्या या निर्गुण भक्ति आयोजनों में गाया जाता है। साथ ही, इसे आत्ममंथन और साधना के समय भी गाया जा सकता है।
❓ 4. क्या “या काया तन में रैल चले” का वीडियो/ऑडियो वर्शन उपलब्ध है?
उत्तर: हाँ, यह भजन यूट्यूब और अन्य भक्ति संगीत प्लेटफॉर्म्स पर कई लोक कलाकारों और साधु-संतों की आवाज़ में उपलब्ध है।
❓ 5. क्या यह भजन किसी धर्म विशेष से जुड़ा है?
उत्तर: यह भजन निर्गुण भक्ति परंपरा से जुड़ा है, जो किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है। इसमें आत्मा, शरीर और परमात्मा के बीच के गहरे संबंध को दर्शाया गया है।
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